'पद्म भूषण' और 'हृदयनाथ मंगेशकर अवॉर्ड' जैसे सम्मान से सम्मानित बॉलिवुड की दुनिया के मशहूर संगीतकार खैय्याम का सोमवार रात मुंबई के एक हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह 92 साल के थे। बता दें कि खैय्याम 28 जुलाई से ही आईसीयू में थे। लंग इन्फेक्शन से जूझ रहे खैय्याम 28 जुलाई से आईसीयू में थे और बीती रात 9:30 को कार्डिएक अरेस्ट की वजह से निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर बॉलिवुड सिलेब्रिटीज़ उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे। उनका पूरा नाम मोहम्मद जहुर 'खय्याम' हाशमी था, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में वह केवल खैय्याम नाम से पॉप्युलर हुए। संगीत की दुनिया में उन्होंने अपना सफर 17 साल की उम्र में लुधियाना से शुरू किया था। उनके करियर को पहचान ब्लॉकबस्टर मूवी 'उमराव जान' से मिली, जिसके लिए उन्हें बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर का फिल्फेयर अवॉर्ड भी मिला। खैय्याम को फिल्म 'कभी कभी' के लिए भी बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुका है। खैय्याम ने 'हीर रांझा', 'फुट पाथ', 'फिर सुबह होगी', 'शोला और शबनम', 'आखिरी खत', 'खानदान', 'नूरी', 'आहिस्ता आहिस्ता', 'रजिया सुल्तान', 'बेपनाह' जैसी कई फिल्मों में शानदार संगीत दिया है। आइए, यहां उन्हें याद करते हुए उन गानों की झलकियां देखें, जिनमें हमेशा जिन्दा रहेंगे खैय्याम। आखिरी रात 'आखिरी रात' से राजेश खन्ना ने बॉलिवुड में डेब्यू किया था और दूसरी तरफ यह खैय्याम की वह आखिरी फिल्म थी, जिसके ठीक बाद वह 8 साल के ब्रेक पर चले गए थे। इस गाने की लिरिक्स कैफी आजिमी के थे और 'बहारों मेरा जीवन भी सवारो' गाना लता मंगेशकर ने गाया था। इस फिल्म से भूपेन्दर सिंह से प्लेबैक सिंगर के तौर पर डेब्यू किया था। कभी कभी खैय्याम ने मेगास्टार अमिताभ बच्चन की फिल्म 'कभी कभी' का म्यूज़िक कम्पोज़ किया था। इस फिल्म को बेस्ट लिरिक्स, बेस्ट म्यूज़िक और बेस्ट मेल प्लैबैक सिंगर के तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड्स मिले। उमराव जान रेखा की हिट फिल्म 'उमराव जान' को कम्पोज़ किया था खैय्याम ने। हालांकि खैय्याम फिल्म डायरेक्टर की पहली चॉइस नहीं थे। कहा जाता है कि खैय्याम को इस फिल्म में तब मौका मिला था जब फिल्म डायरेक्टर और ऑरिजनल म्यूज़िक कम्पोज़र के बीच किसी बात को लेकर तनातनी हो गई थी। उन्हें बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड और नैशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। फिर सुबह होगी 'फिर सुबह होगी' के लिए साहिर लुधियानवी ने खैय्याम को रेकमेंड किया था। इस फिल्म के गाने 'चीन ओ अरब हमारा' और डुएट 'वो शुभ कभी तो आएगी' काफी पॉप्युलर भी हुए। बाज़ार फिल्म 'बाज़ार' के कई गाने फेमस हुए, लेकिन जिस गाने को लोगों ने सबसे ज्यादा पसंद किया वह 'करोगे याद तो हर बात' था। इस गाने को नसीरुद्दीन शाह और स्मिता पाटिल पर पिल्माया गया था। फिल्म 'रजिया सुल्तान' फिल्म 'नूरी' 'आहिस्ता आहिस्ता' 'थोड़ी सी बेवफाई'
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