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Saturday, January 11, 2020

बॉलिवुड डेब्यू पर बोले तेलुगू स्टार अल्लू अर्जुन

साउथ की फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार सबसे स्टाइलिश ऐक्टर के रूप में भी पहचाने जाते हैं। इस पोंगल पर अर्जुन की नई फिल्म ‘अला वैकुंठपुरामुलू’ रिलीज हो रही है। फिल्म में अर्जुन के ऑपोजिट हैं और इसी फिल्म से एक लंबे समय के बाद तमिल फिल्म इंडस्ट्री में लौट रही हैं। पिछले दिनों हैदराबाद में फिल्म के गानों का भव्य म्यूजिकल कॉन्सर्ट का आयोजन हुआ। जहां हुई मुलाकात में अर्जुन ने हमसे डेब्यू, फिल्मों और निजी जिंदगी को लेकर बातचीत की: बाहुबली के बाद बॉलिवुड और साउथ इंडस्ट्री के बीच की लाइन रही है, वह खत्म होती नजर आ रही है। आप मानते हैं?हां, जो लाइन थी वह फीकी हुई है। अब लोगों को सोच प्रेरक फिल्में पसंद आ रही हैं। अच्छे कंटेंट वाली फिल्मों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे ऐक्टर्स जो बड़े स्टार नहीं हैं, वे इसी वजह से बेहतरीन कमाई कर रहे हैं। उड़ी और अंधाधुंध उदाहरण हैं। अगर कंटेंट साउथ इंडस्ट्री से भी आए, तो लोग उसे स्वीकार कर रहे हैं। ‌हम ऐसे दौर में हैं जहां ऑडियंस का माइंडसेट बहुत खुला है। यह हम सबके लिए सुनहरा मौका है। नॉर्थ के फैंस आपको बॉलिवुड में देखने को बेताब हैं। उनका इंतजार कब खत्म होगा?मैं खुद बॉलिवुड फिल्में करना चाहता हूं। पर कन्फ्यूज हूं कि मैं वहां किस तरह की फिल्म करूंगा? क्योंकि वहां जो मेरे फैंस हैं, उन्हें मेरी टिपिकल एक्शन से भरी फिल्में पसंद आती हैं, वही करूं या फिर बॉलिवुड में जिस फिल्म का कल्चर है, उसे करूं? वैसे छोटे-छोटे ऑफर्स आते रहते हैं लेकिन अभी तक कोई ऐसा नहीं आया, जिसपर सीरियसली सोच सकूं। साउथ में आपको स्टाइलिश ऐक्टर के नाम से भी पुकारा जाता है। इस टैग को लेकर कभी प्रेशर महसूस होता है कि हर वक्त प्रेजेंटेबल रहना पड़ता है?नहीं मैं प्रेशर नहीं लेता। दरअसल मैं हर वक्त ड्रेसअप नहीं रहता हूं। मैं बस पब्लिक फंक्शन के दौरान ही इसपर ध्यान देता हूं। वरना घर पर या कहीं भी मैं कैजुअल कंफर्टेबल ड्रेसेज में ही नजर आऊंगा। यह बात और है कि मैं जो भी सिलेक्ट करूं, वह स्टाइलिश हो ही जाता है। तो अच्छी कहानी वाली फिल्मों ने स्टार पावर को कम किया है?नहीं, अगर स्टार एक बेहतर कॉन्टेंट के साथ आए, तो उससे जबरदस्त जुगलबंदी हो ही नहीं सकती। दंगल का उदाहरण लें, उसमें स्टार भी है और बेहतरीन स्क्रिप्ट भी। दंगल ने जो ऊंचाई पाई है, उसे फिलहाल कोई भी छू नहीं सकता। मेरा यही मानना है। अगर फिल्म एक एवरेज कॉन्टेंट के साथ आएगी तो सामान्य बिजनस ही करेगी। साउथ में स्टार्स के फैंस की दीवानगी अलग होती है, बॉलिवुड में फैन बेस ऐसा क्यों नहीं बन पाता है?साउथ का कल्चर बाकी जगहों से काफी अलग है। स्टार्स फैन से जुड़ाव महसूस करते हैं क्योंकि भाषा एक सी होती है। लेकिन बॉलिवुड की पहुंच देश के कोन-कोने में हैं। अलग-अलग मानसिकता के लोग होते हैं, तो उन्हें प्रभावित करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। आपकी नई फिल्म अला वैकुंठपुरामुलू रिलीज को तैयार है। कितने उत्साहित या नर्वस हैं?पहले मैं फिल्मों को लेकर नर्वस हुआ करता था लेकिन अब बिलकुल भी नर्वस नहीं होता हूं। अब लगता है कि नर्वस होने का कोई मतलब ही नहीं है। फिल्म तो बन चुकी है और अब कुछ हो भी नहीं सकता है। जो भी काम बच गया है उसे खत्म कर हम पब्लिसिटी और मार्केटिंग पर अपना फोकस करें। फिल्म को प्रमोट करें और लोगों तक पहुंचाए। देखिए रिजल्ट बदल नहीं सकता है क्योंकि प्रॉडक्ट जो बन चुका है वह तो वैसा ही रहेगा। आपके लिए क्या ज्यादा मायने रखता है? क्रिटिक रिव्यू या बॉक्स ऑफिस कलेक्शन?पूरी तरह से बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, रिव्यूज आपको रेवेन्यू नहीं देते हैं (हंसते हुए)। साउथ की सुपरहिट डब फिल्मों का बॉलिवुड के बिजनस पर कितना असर पड़ता है?मैं इस बात से बिलकुल इत्तेफाक नहीं रखता कि साउथ की डब फिल्मों का बॉलिवुड बिजनेस पर कोई असर भी पड़ता होगा। यह कहना बहुत बड़ी बात होगी। हां, मैं यह कहूंगा कि देशभर में साउथ की फिल्मों के जॉनर पसंद किए जाते हैं, जो बॉलिवुड में कम देखने को मिलता है। यही वजह है कि वहां डब फिल्में भी अच्छा खासा बिजनेस कर लेती है। साउथ के अभिनेता पॉलिटिक्स से काफी प्रभावित रहे हैं। भविष्य में राजनीति जॉइन करने की योजना?नहीं, कभी भी नहीं,मैं मानता हूं कि राजनीति मेरे बस की नहीं।


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